Odisha Train Accident: ओडिशा में ख़तरनाक ट्रेन हादसे की क्या है वजह? उठ रहे ये सवाल
Coromandel Express Derail ;ओडिशा के बालासोर में शुक्रवार 2 जून की शाम लगभग सात बजे 3 ट्रेन हादसे का शिकार बन गई. हादसे में अबतक 288 लोगों की मौत हो गई. 900 से ज्यादा लोग घायल हैं.
ओडिशा के बालासोर जिले के बहानागा रेलवे स्टेशन के पास शुक्रवार 2 जून को बड़ा ट्रेन हादसा हो गया। स्टेशन के पास मैं तीन ट्रेनें आपस में टकरा गईं। यह हादसा शाम करीब 7 बजे हुआ। हादसे के बाद बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। इस भीषण रेल हादसे में 230 से ज्यादा यात्री लोगों की मौत हुई है और 900 से ज्यादा यात्री घायल होने की खबर है.
तलाशी और बचाव अभियान के लिए टीमें मौके पर पहुंच गई हैं। ट्रेनों की टक्कर इतनी ख़तरनाक थी कि कोरोमंडल एक्सप्रेस पटरी से निचे उतरी और उस ट्रैन के कई डिब्बे मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गए। बालासोर में 15 घंटे बाद रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म हो गया.
पहले हावड़ा-बंगलुरु ट्रेन के कई कोच पटरी से उतरे और दूसरे ट्रैक पर शालीमार-चेन्नई सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस से टक्कर हो गए। इसके बाद कोरोमंडल ट्रेन के कोच भी बेपटरी हो गए और पास से गुजर रही मालगाड़ी से भिड़ी गई। इन तस्वीरों में देखा जा सकता है कि ट्रेन का इंजन मालगाड़ी के डिब्बों के ऊपर चढ़ गया है।
Train Accident - हादसे को लेकर यह सवाल
ऐसे में हुए इस ट्रेन दुर्घटना को लेकर बड़े सवाल उठ रहे हैं. जिनके जवाबों में बालासोर दुर्घटना के पीछे की वजह छिपी है. खुद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव इन सभी सवालों के जवाब देना होगा.
क्या पटरियों की रूटीन जांच में कोई लापरवाही हुई?
क्या पटरियों में पहले से कोई खामी थी?
क्या ट्रेनों में एंटी कॉलिजन सिस्टम (कवच) लगा हुआ था?
क्या पटरियों के साथ कोई छेड़छाड़ हुई?
क्या तेज रफ्तार की वजह से डिरेल हुई ट्रेन?
क्या दुरंतो एक्सप्रेस का ऑटोमेटिक ब्रेकिंग सिस्टम फेल हुआ?
अगर कवच था तो फिर टक्कर कैसे हुई?
GPS मॉनिटरिंग में ट्रेन हादसे का पता क्यों नहीं चला?
क्या रेल में कोई क्रैक था या फिश प्लेट ढीली थी?
रैलवे स्टेशन पास था तो ट्रेनों की रफ्तार इतनी तेज क्यों थी?

